सोमवार 8 दिसंबर को लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा होने वाली है। सदन का यह एजेंडा राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि विपक्ष और सत्ता पक्ष—दोनों ही इस मुद्दे पर अपनी-अपनी धारणा स्पष्ट करने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि वंदे मातरम के ऐतिहासिक संदर्भ, संवैधानिक महत्व और राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सरकार और सांसद अपनी राय रखेंगे। यह

चर्चा सदन में व्यापक बहस का रूप ले सकती है।

