नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत आज सदर अस्पताल के एसएनसीयू में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लाभार्थियों के साथ नवजात शिशुओं की देखभाल के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।सिविल सर्जन ने बताया कि जन्म का पहला घंटा, पहला दिन,पहला सप्ताह और पहला माह नवजात शिशु के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत संवेदनशील होते हैं। इस अवधि में सही देखभाल न केवल बच्चे के विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि विभिन्न संक्रमणों और बीमारियों से बचाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर और नर्स द्वारा दी गई सभी चिकित्सा सलाह को घर पर भी उसी प्रकार पालन किया जाना चाहिए, ताकि बच्चे के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का खतरा न उत्पन्न हो।कार्यक्रम में मेडिकल ऑफिसर डॉ अमन ने भी नवजात देखभाल पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मां का पहला पीला दूध नवजात के लिए अमृत समान है। यह बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाता है और कई संक्रमणों से बचाता है। सर्दी के मौसम में बच्चे को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाना और ठंड से बचाना अत्यंत आवश्यक है। मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य तभी सुरक्षित रहेगा, जब दोनों की उचित देखभाल की जाए। किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में बच्चे को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी गई।जिला कार्यक्रम प्रबंधक दीपक कुमार ने नवजात शिशु सुरक्षा सप्ताह के महत्व, गतिविधियों और समुदाय में जागरूकता बढ़ाने की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। सिविल सर्जन द्वारा नवजात एवं मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु लाभार्थियों के बीच पोषण सप्लीमेंट तथा बर्थ केयर किट का वितरण किया गया।कार्यक्रम में जिला शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक विनोद कुमार वर्मा,अश्लीना हेंब्रम,आकाश कुमार, पूनम नम्रता एवं एएनएम अनिता उपस्थित थीं।

