बिहार विधानसभा चुनाव में जनसुराज पार्टी की करारी हार के बाद इसके संस्थापक प्रशांत किशोर मौन व्रत पर बैठे हैं। वे पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम में 24 घंटे से आत्मचिंतन कर रहे हैं। सुबह उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और अपनी टीम के साथ शांत भाव से विचार विमर्श किया। प्रशांत ने इसे राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि ‘आत्मिक

प्रायश्चित’ बताया। चुनाव में एनडीए को 202 सीटें, महागठबंधन को 35 और जनसुराज को कोई सीट नहीं मिली। उन्होंने कहा कि वोट न मिलना गुनाह नहीं है, बल्कि जनता तक संदेश न पहुँचना चिंताजनक है।

