नई दिल्ली में आयोजित NIT दिल्ली के पाँचवें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वास्तविक प्रगति केवल आविष्कारों से नहीं, बल्कि उनके समाज पर सकारात्मक प्रभाव से मापी जाती है। राष्ट्रपति ने युवा इंजीनियरों से आग्रह किया कि वे ऐसी प्रौद्योगिकियाँ और समाधान विकसित करें, जो असमानताएँ कम करें और लोगों के जीवन में आशा पैदा करें।

उन्होंने नवाचार को मानवता से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक तभी सार्थक है जब वह समाज को सशक्त बनाए और भविष्य को बेहतर दिशा दे।

