
पटना में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने साफ कहा कि वे अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा—“पिछले तीन सालों में आपने मुझे जितनी मेहनत करते देखा है, मैं उससे दोगुनी मेहनत करूँगा। जब तक बिहार को बेहतर बनाने का अपना संकल्प पूरा नहीं कर लेता, तब तक पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।” उन्होंने स्वीकार किया कि वे बिहार की जनता को सही आधार पर मतदान समझाने में नाकाम रहे। इसी प्रायश्चित के रूप में वे 20 नवंबर को गांधी भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन व्रत रखेंगे। प्रशांत किशोर ने कहा—“हमने कोई अपराध नहीं किया। न जाति का ज़हर फैलाया, न हिंदू-मुस्लिम की राजनीति की, न धर्म के नाम पर लोगों को बाँटा और न ही वोट खरीदने का काम किया। हमारी लड़ाई सिर्फ एक बेहतर व्यवस्था के लिए है।”

