
सीपीआईएम की वरिष्ठ नेत्री वृंदा करात पाकुड़ स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात किया एवं संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा की। वृंदा करात ने प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार, कोल इंडिया और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। बिहार चुनाव परिणाम के बाबत करात ने कहा कि आज तक खुला आचार संहिता का ऐसा उल्लंघन नहीं देखा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान विभाजनकारी भाषण दिए गए, पर चुनाव आयोग मौन रहा। चुनाव के एक दिन पूर्व कई लोगों के बैंक खातों में पैसे भेजे गए जो अलोकतांत्रिक है।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी कमीशन की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में जीत के बाद भाजपा कई राज्यों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रही है।झारखंड में भी वही विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का प्रयास होगा।उन्होंने सुझाव दिया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा सरकार सभी दलों व संगठनों के साथ मिलकर एक मजबूत वैकल्पिक नीति तैयार करे।करात ने स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि कोल इंडिया के नाम पर निजी कंपनियों को कोयला खदान देकर लूट करवाई जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि कोयला परिवहन व खनन से क्षेत्र में हालात बदतर हैं, लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठा रही।उन्होंने घोषणा की कि इन मामलों को लेकर सीपीआईएम जल्द ही जिला स्तर पर आंदोलन चलाएगी।

