यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध के मैदान में नया मोड़ आया है। यूक्रेन की सेना ने फ्लेमिंगो (FP-5) क्रूज मिसाइल का पहला युद्धक उपयोग करते हुए रूस के ओर्योल और उसके कब्जे वाले क्षेत्रों पर हमला किया। 13 नवंबर की रात और सुबह के दौरान चार फ्लेमिंगो मिसाइलों को लॉन्च किया गया, जिनमें से एक को रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। बाकी मिसाइलों ने तेल डिपो, ड्रोन भंडार, हेलीकॉप्टर पार्किंग और वायु रक्षा स्थलों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। फ्लेमिंगो यूक्रेन की लंबी दूरी की सबसोनिक क्रूज मिसाइल है,

जिसकी रेंज 3,000 किलोमीटर से अधिक है और इसमें 1,000-1,150 किलोग्राम का बंकर-बस्टिंग वारहेड है। इसकी सटीक नेविगेशन क्षमता रूस के गहन इलाकों तक निशाना साधने में सक्षम बनाती है। ओर्योल में मिसाइलों की बरसाई गई आग ने रूस के लिए नई चुनौती पेश की है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लेमिंगो मिसाइल युद्ध के रणनीतिक संतुलन को बदल सकती है और यूक्रेन की “दीप स्ट्राइक” क्षमता को मजबूत करती है।

