एक तरफ जिला प्रशासन जिलेवासियों के सेहत के प्रति फिक्रमंद दिख रहा है एवं इस हेतु आए दिन खाद्य सुरक्षा विभाग छापेमारी भी कर रही है एवं संबंधित मुद्दों पर निर्देश भी जारी कर रहा है लेकिन बाबजूद इसके जिला मुख्यालय के विभिन्न इलाकों मसलन तलवाडांगा, बस स्टैंड, बड़ी अलिगंज व छोटी अलिंगंज मुहल्ले में खुले तौर पर मांस विक्रेता मांस बेच रहे हैं। गत दिनांक 16 नवंबर को बिजली विभाग के पावर हाउस के मुख्य गेट के बगल में ऐसा ही माजरा देखने को मिला जहां बिना अनुज्ञप्ति के ही मांस काटकर बेचा जा रहा था। इस संबंध में जब उक्त मांस विक्रेता से पूछा गया तो उसने

इसका सटीक उत्तर नहीं दिया। मामले के बाबत जब खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी धनेश्वर हेंब्रम से दूरभाष पर संपर्क साधा गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इस मुद्दे पर जब बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से बात की गई तो उन्होंने इस बात की अनभिज्ञता जाहिर करते हुए फोन काट दिया। मामले के बाबत नगर परिषद के प्रशासक अमरेंद्र चौधरी से जानकारी ली गई तो उन्होंने तुरंत टीम भेजकर उक्त मांस विक्रेता के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चेतावनी दिया। सवाल यह उठता है कि आखिर जब जिला प्रशासन इतनी मुस्तैद है तो फिर इस तरह के आदेश की नाफरमानी कैसे हो रही है। बताते चलें कि छोटी अलिंगंज अवस्थित पावर हाउस के दस कदम दूर ही उपायुक्त का आवासीय कार्यालय है।

