अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनेस्को तथा NCERT के आह्वान पर डीपीएस स्कूल में हिंसा और साइबर बुलीइंग के खिलाफ जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में प्रधानाचार्य जे.के.शर्मा, कोर मेंबर नेहा चक्रवर्ती, समन्वयक सह कंप्यूटर शिक्षक सौरीश दत्ता, कंप्यूटर शिक्षक उज्जवल कुमार और नासरीन सम्मिलित हुए।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। जे.के.शर्मा ने बच्चों को डिजिटल युग में खुद को सुरक्षित रखने के बाबत जानकारी दी एवं 2025 के विषय कनेक्टेड, प्रोटेक्टेड और एम्पॉवर्ड पर चर्चा करते हुए बताया कि इस संगोष्ठी का उदेश्य ऑनलाइन और टेक फैसिलिटेटेड हिंसा को समाप्त करना है ताकि सभी शिक्षार्थी आगे बढ़ सकें। उन्होंने ऑनलाइन और तकनीक सुविधाजनक हिंसा को संबोधित करके सुरक्षित, समावेशी शिक्षण वातावरण बनाने पर जोर दिया। निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने कहा कि डिजिटल युग में हिंसा और साइबर अपराध अथवा धमकी से सुरक्षा के प्रति छात्रों को जागरूक करना अत्यंत अवश्यक है, क्योंकि डिजिटल नेटवर्क पठन पाठन का एक जरुरी हिस्सा है।

अतः बच्चों में इसके उपयोग के प्रति जागरूकता अत्यंत जरुरी है, ताकि शिक्षार्थियों को डिजिटल युग में आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाया जा सकें।विद्यालय या अनुशासित समाज में किसी भी तरह की धमकी या डर के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।कार्यक्रम में विद्यालय के समन्वयक और कंप्यूटर शिक्षक सौरिस दत्ता ने बिभिन्न तरह के वीडियो और पावर पॉइंट के द्वारा बच्चों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। साथ ही साथ उन्होंने बच्चों को साइबर बुलिंग का अर्थ समझाते हुए सचेत किया और किसी भी अप्रिय घटना से बचने का उपाय बताया। उन्होंने बच्चों डिजिटल नकली आइडी, नकली प्रलोभन आदि की पहचान करने के भी कुछ ट्रिक के बारे में जानकारी दी। विद्यालय के ए.आई. के शिक्षक उज्जवल कुमार ने बच्चों को पासवर्ड,आई. डी.तथा ए.आई. के सुरक्षित उपयोग और उससे होने वाली परेशानियों और बचाव की जानकारी दी ताकि बच्चों को जागरूक किया जा सकें।कार्यक्रम के अंत में साइबर सुरक्षा से जुड़े बच्चों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का कार्यक्रम में मौज़ूद सभी साइबर विशेषज्ञों ने बारी बारी समाधान बताया।

