भारत से 1,942 सिख तीर्थयात्रियों का जत्था बुधवार को अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान रवाना हुआ। यह जत्था श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गडगज्ज के नेतृत्व में रवाना हुआ और “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। वाघा सीमा पर पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और वक्फ बोर्ड के अधिकारियों ने श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह जत्था श्री गुरु नानक देव जी की 556वीं जयंती मनाने के लिए पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब जा रहा है —

जो गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान है। इस मौके पर भारत, पाकिस्तान और विदेशों से भी हजारों श्रद्धालु एकत्र होंगे। हालांकि, करीब 300 से अधिक वीज़ाधारी तीर्थयात्रियों को अनुमति और कागजी त्रुटियों के कारण पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं मिल सकी। श्रद्धालुओं ने कहा कि यह उनके लिए आस्था और भक्ति का अवसर है, और वे उम्मीद करते हैं कि इस यात्रा से उन्हें आत्मिक शांति प्राप्त होगी।

