अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त मामलों की समीक्षा बैठक संपन्न उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1995 के अंतर्गत प्राप्त मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान अत्याचार से संबंधित सभी मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ितों को निर्धारित राहत राशि का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें त्वरित न्याय एवं आवश्यक सहयोग प्राप्त हो सके। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि इस अधिनियम का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय

प्रदान करना है। प्रत्येक स्तर पर मामलों के त्वरित निपटान के लिए संवेदनशीलता और तत्परता बरती जानी चाहिए।उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में प्राथमिक जांच में किसी भी प्रकार की देरी न हो तथा प्रत्येक प्रकरण में पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए कानून के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी मामलों में समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल की जाए, ताकि न्याय की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।बैठक में उपस्थित अधिकारियों से उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का दायित्व है कि समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय मिले इसके लिए सभी अधिकारी सतर्क, उत्तरदायी और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं।

