
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के सफल क्रियान्वयन एवं इसके विस्तारित स्वरूप की जानकारी हेतु एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन नगर परिषद में किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी एवं जिला अग्रणी प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य योजना के नवीन स्वरूप की जानकारी देना तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सभी बैंकों, नगर परिषद कर्मियों एवं शहरी पथ-विक्रेताओं को प्रशिक्षण प्रदान करना था।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का अवधि विस्तार वर्ष 2030 तक कर दिया गया है। योजना के अंतर्गत ऋण राशि में भी वृद्धि की गई है।प्रथम किश्त: ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000, द्वितीय किश्त: ₹20,000 से बढ़ाकर ₹25,000 एवं तृतीय किश्त: ₹50,000 निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त समय पर ऋण भुगतान करने वाले लाभार्थियों को ₹1,200 कैशबैक एवं ₹30,000 लिमिट का रूपे क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किया जाएगा।कार्यशाला के उपरांत विभिन्न बैंकों द्वारा स्वीकृत पथ विक्रेताओं को ऋण चेक का वितरण भी किया गया। अधिकारियों ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील किया कि वे नगर परिषद कार्यालय में संपर्क कर आवेदन भरें, ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके।कार्यशाला में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना शहरी आजीविका को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी बल्कि शहरों के छोटे व्यवसायों को भी नई दिशा मिलेगी।इस अवसर पर सिटी मिशन मैनेजर मनीष कुमार मिश्रा, सभी बैंक प्रतिनिधि, शहरी पथ-विक्रेता, सामुदायिक संगठनकर्ता, सीआरपी दीदी एवं नगर परिषद के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।

