
उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।बैठक में उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने समिति की पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि इस माह जिले में 7 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 6 लोगों की मृत्यु हुई है। इस अवधि में ₹6 लाख 25 हजार का जुर्माना विभिन्न वाहनों पर लगाया गया तथा पिछली बार का ₹2 लाख बकाया भी वसूल किया गया। उपायुक्त ने कहा कि शेष राशि के भुगतान हेतु वाहन स्वामियों को एक सप्ताह की समय सीमा दी गई है।निर्धारित समय सीमा के बाद भी भुगतान नहीं होने पर वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के माध्यम से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।उपायुक्त ने निर्देश दिया कि हिरणपुर प्रखंड के डांगापाड़ा मार्ग से भारी वाहनों का परिचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहन संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ड्रिंक एंड ड्राइव की जांच नियमित रूप से की जाए एवं जहां तहां पार्किंग करने वाले वाहनों पर टो मशीन के माध्यम से कार्रवाई की जाए। उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी संयुक्त रूप से वाहन जांच अभियान संचालित करें। साथ ही डीबीएल कोल कंपनी को खराब सड़कों की मरम्मत शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया। हिट एंड रन से संबंधित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि शहर के सभी स्पीड ब्रेकरों को स्पष्ट रूप से पेंट कराया जाए, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि कोयला, बालू एवं पत्थर लदे सभी वाहन अनिवार्य रूप से त्रिपाल से ढके रहें। ऐसा नहीं करने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

