दुनिया भर में इन दिनों चक्रवातों का कहर जारी है। एक ओर भारत में चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने आंध्र प्रदेश के तट से टकराकर तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई, वहीं दूसरी ओर कैरेबियाई देश हैती में हरिकेन ‘मेलिसा’ ने मौत और तबाही का तांडव मचा दिया है। भारत में ‘मोंथा’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के कई तटीय जिलों में तेज़ हवाओं और भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। वहीं, अटलांटिक महासागर के पार हरिकेन ‘मेलिसा’ ने हैती में जमकर तबाही मचाई है।

अधिकारियों के मुताबिक अब तक कम से कम 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों घर तबाह हो गए हैं। कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है और हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय विश्व के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ सक्रिय चक्रवात जलवायु परिवर्तन की गंभीर चेतावनी हैं। समुद्र के बढ़ते तापमान से इन तूफानों की तीव्रता और नुकसान दोनों बढ़ रहे हैं।

