राजद नेता और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने एक जनसभा में विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “5 साल भतीजा को देकर देखते हैं ना, अगर भतीजा भी काम नहीं करेगा तो भतीजा को भी बदल देंगे।” खेसारी के इस कथन को राजनीतिक हलकों में जोरो-शोरों से लिया जा रहा है। वे स्पष्ट तौर पर परिवारवाद और रसूखदारों की नौकरियों पर कटाक्ष कर रहे हैं और जनता को सशक्त, पारदर्शी और काम करने वाले व्यवस्थाओं का वादा दोहराया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के शासन में लोगों के बच्चों और युवाओं को मेरिट और

मेहनत के आधार पर मौके मिलेंगे, न कि रिश्तों या प्रभाव के जरिए। विपक्षी दलों ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कुछ ने इसे व्यक्तिगत टिप्पणी बताया। खेसारी के समर्थक इसे जनता के हित में साहसिक भाषण के रूप में देख रहे हैं। राजनीति में इसका असर आने वाले दिनों में साफ होगा।

