जिले के हिरणपुर प्रखंड के बेलपहाड़ी गाँव में हुए एक बड़े विस्फोट के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई।यह ब्लास्टिंग आजसू पार्टी के नेता और समाजसेवी अज़हर इस्लाम के पत्थर खदान में की गई थी।ग्रामीणों ने बताया कि ब्लास्टिंग इतनी जोरदार थी कि पत्थरों के भारी टुकड़े हवा में उड़कर आसपास के घरों पर जा गिरे कई घरों की दीवारें व छतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोगों को चोटें भी आई। घटना की जानकारी मिलते ही गुस्साए ग्रामीण खदान स्थल पर पहुँच गए एवं खदान प्रबंधन के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और ग्रामीणों ने खदान परिसर में तोड़फोड़ कर दी,तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब अज़हर इस्लाम के निजी सुरक्षा कर्मियों और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक कहासुनी और धक्का मुक्की होती रही। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान में अक्सर बिना किसी पूर्व सूचना के तेज़ ब्लास्टिंग की जाती है,जिससे घरों में दरारें आ गई हैं और लोगों का रहना मुश्किल हो गया है।उन्होंने प्रशासन से खदान की जांच कराने और नुक सान की भर पाई (मुआवज़ा) की माँग की है। वहीं प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।इधर इस मामले में अजहर इसलाम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हिरणपुर प्रखंड के बेलपहाड़ी मौजा स्थित क्रशर प्लांट में ग्रामीणों के हमले को लेकर कई तरह की बाते सामने आ रही है।

एक ओर जहां ग्रामीणों के कहने पर क्रशर बंद किया गया वहीं ग्रामीणों से बात करके ही क्रशर को दूसरे दिन शुरू किया गया। अजहर ने कहा कि जिला के राजनीतिक दल के संरक्षित व्यक्तियों के द्वारा ग्रामीणों को प्रभावित कर क्रशर को जबरदस्ती बंद कराने के लिए क्रशर के लोगों को मारना पीटना शुरू कर दिया। उन्हें रोकने पर गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। हमले को जायज ठहराने के लिए कई आरोप लगाया जा रहा है लेकिन सच ये है कि क्रशर का संचालन नियम संगत तरीके से किया जा रहा है क्रशर प्लांट एवं पत्थर खदान सभी कागजात वैध एवं अद्यतन हैं। विस्फोट पदार्थ का कागजात, प्रशिक्षित मेट/सेकंड क्लास मैनेजर के द्वारा संचालित किया जा रहा है। फिर भी राजनीतिक दुर्भावनाओं के कारण उनके साथ साजिश किया जा रहा है। अज़हर ने कहा कि कुछ मामले ऐसे हैं जिनका आज मैं उद्बभेदन जिले वासियों के समक्ष कर रहा हूं।इन मामलों में जिले के लिट्टीपाड़ा अंचल के मौजा हथीगढ़ में बंद पड़े पत्थर खदान पर वन विभाग की जमीन को अवैध तरीके से पत्थर खनन किया जा रहा है। हिरणपुर अंचल के मौजा मानसिंहपुर में सरकारी कैनल की जमीन पर तथा मौजा तालपहाड़ी में लीज एरिया से हटकर पत्थर खनन किया जा रहा है। वन विभाग की जमीन पर अवैधतरीके से पत्थर खनन एवं सरकारी जमीन का अवैध खनन कर रहे राजनीतिक दल के संरक्षित एवं प्रभावित व्यक्तियों पर प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं कई पत्थर व्यवसाई ऐसे भी हैं, जो अपने राजनीतिक आकाओं के पैसे को अपने व्यवसाय में इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे लोग मेरे खिलाफ साजिश करने के मुख्य सूत्रधार हैं।

