हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के धामी में दीवाली के बाद मंगलवार को एक अनोखी परंपरा का आयोजन हुआ। यहां मां भद्रकाली को खुश करने के लिए श्रद्धालु एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं। इस दौरान घायल लोगों के खून से मां का तिलक किया जाता है। धामी की इस परंपरा की शुरुआत पहले नरबलि से होती थी, लेकिन अब इसे बंद कर दिया गया है। इसके बाद पशु बलि और अंत में पत्थरों के खूनी खेल तक यह परंपरा जारी रहती है। शिमला से करीब 30 किलोमीटर दूर हलोग में आयोजित इस पत्थर मेले में हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए

। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचे और इसका नजारा किया। धार्मिक मान्यताओं और उत्साह के चलते यह परंपरा आज भी लोगों के बीच जीवित है, हालांकि पहले की तुलना में इसमें बदलाव किए गए हैं।

