नाटो ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना में सैन्य, आर्थिक और साइबर—तीनों मोर्चों पर रूस पर दबाव बनाने की रणनीति शामिल है। सूत्रों के अनुसार, नाटो सदस्य देश रूस की हालिया आक्रामक नीतियों और यूक्रेन युद्ध के विस्तार को देखते हुए एक संयुक्त जवाबी

रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसमें रूस के रक्षा ढांचे, वित्तीय नेटवर्क और साइबर क्षमताओं को निशाना बनाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। वहीं, रूस ने नाटो की इस तैयारी को “पश्चिमी आक्रमण” करार दिया है और कड़े जवाब की चेतावनी दी है।

