‘आई लव मुहम्मद’ विवाद को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्यार में राष्ट्र-विरोधी क्या है और क्या प्यार के साथ हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। ओवैसी ने कहा कि एक मुसलमान तब तक सच्चा मुसलमान नहीं है जब तक वह मोहम्मद को अल्लाह का आखिरी रसूल नहीं मानता। उन्होंने भारत

में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी के संदर्भ में पूछा कि इस तरह की प्रतिक्रियाओं से लोग किस संदेश को समझेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर पोस्टर लगाने की अनुमति का जिक्र करते हुए कहा कि प्यार के बारे में बात करने पर रोक क्यों है और सवाल उठाया कि आखिर हम कहां जा रहे हैं।

