पटना में दारोगा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और देरी को लेकर अभ्यर्थियों का धैर्य टूट गया। सैकड़ों उम्मीदवार डाक बंगला चौराहा पर प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग थी कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और लंबित वैकेंसी पर जल्द कार्रवाई की जाए। लेकिन हालात उस समय बिगड़ गए जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज इतना तीखा था कि कई अभ्यर्थी घायल हो गए। हैरान करने वाली

बात यह रही कि इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज भी अपमानित हुआ। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नौकरी की मांग नहीं बल्कि उनका हक है, जिसे सरकार लगातार टालती रही है। वहीं, विपक्ष ने नीतीश कुमार सरकार पर अभ्यर्थियों की आवाज़ दबाने का आरोप लगाया है। पटना की यह घटना अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।

