लाल सागर के नीचे बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल्स कट जाने से एशिया और मिडिल ईस्ट के कई देशों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks और तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, टाटा कम्युनिकेशंस की SMW4 और IMEWE जैसी प्रमुख केबल नेटवर्क प्रभावित हुए हैं। इससे भारत, पाकिस्तान, यूएई और कुवैत समेत कई देशों में इंटरनेट स्पीड धीमी हो गई है। माइक्रोसॉफ्ट ने भी मिडिल ईस्ट में लेटेंसी बढ़ने की पुष्टि की है।

केबल्स की मरम्मत में कई हफ्ते लग सकते हैं। इस बीच, यमन की सरकार ने हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि हूतियों ने इन आरोपों से इनकार किया है। घटना ने वैश्विक स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

