ड्रग विभाग ने पुडुचेरी और चेन्नई की कई फर्मों पर शिकंजा कस दिया है। जांच में सामने आया है कि मीनाक्षी फार्मा से नकली दवाएं मंगाई गईं, जिन्हें राधे मेडिकल एजेंसी, एमएसवी मेडिपॉइंट और ताज मेडिको जैसी फर्मों ने खरीदा था। जांच के दौरान करीब 71 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की गई हैं। ड्रग विभाग ने संबंधित फर्मों के लाइसेंस, टर्नओवर और सप्लाई का पूरा ब्योरा मांगा है। लखनऊ के विक्रेता विक्की कुमार और सुभाष कुमार फरार बताए जा रहे हैं। न्यू बाबा फार्मा और पार्वती ट्रेडर्स के नाम भी इस सिंडिकेट से जुड़े सामने आए हैं। इसके अलावा हे मां मेडिकोज और बंसल मेडिकल जैसी

एजेंसियों से भी खरीद-फरोख्त की जांच की जा रही है। 22 अगस्त से शुरू हुई इस रेड में पूरे दवा बाजार को खंगाला गया, जो 9 दिन तक चली। अब तक 3 मुकदमे थाना कोतवाली और एक मुकदमा थाना एमएम गेट में दर्ज किया गया है। ड्रग विभाग ने साफ कर दिया है कि जो भी फर्में नकली दवा खरीद का ब्यौरा छुपाएंगी, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। बताया जा रहा है कि आगरा और लखनऊ इस नकली दवा सिंडिकेट का हॉटस्पॉट बने हुए थे।

