मराठा आरक्षण की मांग को लेकर बीते 5 दिनों से अनशन पर बैठे मनोज जरांगे ने आखिरकार अनशन खत्म कर दिया। अनशन खत्म करने से पहले मनोज जरांगे और सरकार के बीच बातचीत हुई। फडणवीस सरकार ने उनकी 7 में से 5 मांगे मान लीं और आदेश भी जारी कर दिया। इसके बाद जरांगे ने जूस पीकर अनशन तोड़ा और समर्थकों से कहा – आज हमारे लिए दिवाली है, हम जीत गए हैं। जरांगे ने सरकार को मराठा समुदाय को कुनबी का

हिस्सा मानते हुए सरकारी आदेश जारी करने के लिए दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। 29 अगस्त को उन्हें आज़ाद मैदान में आंदोलन की इजाज़त मिली थी, और पांच दिन बाद उन्होंने अनशन खत्म करने का ऐलान किया। मनोज जरांगे बीड ज़िले के रहने वाले हैं और 2011 से मराठा आरक्षण आंदोलन से जुड़े हैं। 2015 से अब तक 30 से ज़्यादा आंदोलन कर चुके हैं।

