मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राजनीति में ऐसा यू-टर्न लिया है, जिसने सबको चौंका दिया। सिर्फ़ 24 घंटे पहले ही उन्होंने सीबीआई को भाजपा का सहयोगी संगठन करार दिया था। लेकिन महज़ एक दिन बाद विधानसभा में कालेश्वरम परियोजना की जांच सीबीआई को सौंपने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया।

राजनीति के इस 360 डिग्री मोड़ पर विपक्ष ने भी सरकार को घेर लिया और सवाल उठाए कि आखिर इतनी जल्दी सीबीआई पर भरोसा कैसे हो गया। तेलंगाना की राजनीति में इस तरह की कलाबाज़ी पहले कभी देखने को नहीं मिली थी।

