सरकार द्वारा ऑनलाइन मनी गेमिंग पर रोक लगाए जाने के बाद बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों ने आरबीआई से विस्तृत दिशानिर्देश मांगे हैं। वित्तीय सेवा विभाग और आईटी मंत्रालय संग हुई बैठक में कंपनियों ने कहा कि प्रतिबंध लागू करने की प्रक्रिया के लिए उन्हें अतिरिक्त समय चाहिए। नए कानून

के तहत न तो मनी गेम्स के विज्ञापन दिखाए जा सकेंगे और न ही इनके लिए बैंकिंग ट्रांजेक्शन की अनुमति होगी। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और जेल का प्रावधान है। अनुमान है कि देश में करीब 45 करोड़ लोग इस लत के कारण हर साल लगभग 20,000 करोड़ रुपये गंवा रहे हैं।

