दिल्ली में हुई जमीयत उलेमा-ए-हिंद की जनरल मीटिंग में संगठन के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मुसलमानों के सामने खड़ी चुनौतियों और सरकार की नीतियों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि हमारी लड़ाई सड़कों पर नहीं, बल्कि कोर्ट में होगी। मौलाना मदनी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सोच पूरी तरह RSS जैसी है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम में 50 हज़ार मुसलमानों को उजाड़ दिया गया, जबकि हिंदुओं को नहीं छुआ गया। उन्होंने NRC पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकार नागरिकता के आधार वर्ष को बदलने की कोशिश कर रही है।

जमीयत इस मामले को भी सुप्रीम कोर्ट में ले जाएगी। उदयपुर फाइल्स फिल्म पर बोलते हुए मदनी ने कहा कि इस फिल्म में मजहब को गलत तरीके से दिखाया गया, जिसके खिलाफ कोर्ट में जाकर 60 कट लगवाए गए। वहीं RSS पर बयान देते हुए मौलाना मदनी ने कहा कि अगर हिंदू-मुस्लिम भाईचारा बढ़ाने की बात होगी तो हमें RSS से परहेज़ नहीं है। उन्होंने मोहन भागवत के साथ अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। अंत में मौलाना मदनी ने कहा कि भारत का संविधान और इतिहास मुसलमानों के योगदान से भरा है और जमीयत अदालतों के जरिए ही अपनी लड़ाई लड़ेगी, सड़कों पर तनाव पैदा नहीं करेगी।

