सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान आधार कार्ड को स्वीकार्य दस्तावेजों में शामिल किया जाएगा। इससे पहले आधार को इस सूची से बाहर रखा गया था। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 15 सितंबर 2025 तय की है। निर्वाचन आयोग ने भी बताया कि बिहार एसआईआर में 85,000 नए मतदाता सामने आए हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों ने केवल दो आपत्तियां दर्ज की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हटाए गए मतदाता

ऑनलाइन या फिजिकल तरीके से दावा दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए आधार या अन्य 11 स्वीकार्य दस्तावेजों का उपयोग किया जा सकेगा। शीर्ष अदालत ने राजनीतिक दलों से सक्रियता दिखाने और वोटरों की मदद करने को कहा। चुनाव आयोग को निर्देश दिए गए कि दलों द्वारा दाखिल दावों की पावती रसीद दी जाए। कोर्ट ने भरोसा जताया कि इस प्रक्रिया से किसी भी मतदाता का अधिकार प्रभावित नहीं होगा।

