
उत्तराखंड के नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव पर सियासी बवाल तेज हो गया है। कांग्रेस समर्थित पांच जिला पंचायत सदस्यों के लापता होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इन सदस्यों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वे कह रहे हैं कि उनका अपहरण नहीं हुआ, बल्कि वे अपनी मर्जी से गए हैं। मामला 14 अगस्त से शुरू हुआ, जब मतदान स्थल के बाहर से इन सदस्यों के “अगवा” होने की खबर आई। इसके बाद कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए 15 अगस्त को हल्द्वानी एसएसपी कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। अब यह मामला हाई कोर्ट पहुंच चुका है। अदालत ने अगली सुनवाई 18 अगस्त तय की है और परिणामों को सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखा गया है। कोर्ट के आदेश के बाद ही चुनाव परिणाम घोषित होंगे।

