दिल्ली से बिहार तक वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर RJD नेता तेजस्वी यादव तक चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलीभगत के आरोप लगा रहे हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि मुजफ्फरपुर की बीजेपी मेयर निर्मला देवी और उनके देवरों के पास एक ही विधानसभा में दो-दो वोटर ID और अलग-अलग उम्र दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव आयोग की मदद से फर्जी वोट बनवाकर बीजेपी को फायदा पहुंचाने की साजिश है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि विपक्ष

के वोट काटे जा रहे हैं, जबकि बीजेपी समर्थकों के फर्जी वोट जोड़े जा रहे हैं। उन्होंने 2020 के चुनाव में भी धांधली का आरोप दोहराया। इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अदालत ने माना कि आधार कार्ड नागरिकता का सबूत नहीं है और इसे वेरीफाई करना ज़रूरी है। चुनाव आयोग ने कहा कि मौजूदा लिस्ट ड्राफ्ट है और त्रुटियां सुधारी जाएंगी।

