राजधानी शिमला में भारी वर्षा के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और भूस्खलन से गाड़ियों व संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। जोधा निवास, टूटीकंडी पांजडी और विकासनगर हिमुडा कॉलोनी में गाड़ियों पर पेड़ गिरने से कई वाहन चकनाचूर हो गए। बिजली के खंभे टूटने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है।

खलीणी के झझीड़ी में सुबह 4:20 बजे एक ढारा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें 6 मजदूर मलबे में फंस गए। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। लगातार बारिश से जलस्त्रोतों में गाद बढ़ने से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। कई क्षेत्रों में चार दिन से पानी नहीं आया है, जिससे लोग खरीदकर पानी पीने को मजबूर हैं। जल प्रबंधन निगम ने स्थिति सामान्य होने तक सतर्क रहने की सलाह दी है।

