मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में सोमवार को देश के पहले भूमिगत कोयला गैसीकरण (अंडरग्राउंड कोल गैसीफिकेशन) प्रोजेक्ट की नींव रखी गई। यह महत्वाकांक्षी ब्रह्मा परियोजना भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और कोल इंडिया लिमिटेड के संयुक्त सहयोग से शुरू हो रही है। परियोजना का उद्देश्य कोयले को सतह पर निकाले बिना गैस में बदलकर ऊर्जा उत्पादन करना है, जिससे प्रदूषण कम होगा और ऊर्जा उत्पादन अधिक किफायती बनेगा।

इस अवसर पर केंद्रीय कोयला मंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और कोयले के स्वच्छ उपयोग का एक नया अध्याय खोलेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना से न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे। भूमिगत गैसीकरण तकनीक के ज़रिए भारत को स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा का नया स्रोत मिलेगा, जो आने वाले वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा।

