भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक देशभर में वित्तीय समावेशन संतृप्तिकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य है — हर गांव, हर पंचायत तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाना, खातों की दोबारा केवाईसी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना। इसी कड़ी में झारखंड के धनबाद जिले के निरसा और तेतुलमारी प्रखण्डों में विशेष शिविर लगे, जिनमें बैंक ऑफ इंडिया, एसबीआई, पीएनबी और इंडियन बैंक की भागीदारी रही।

आरबीआई रांची के क्षेत्रीय निदेशक श्री प्रेम रंजन प्रसाद सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। शिविरों में खाताधारकों को डिजिटल बैंकिंग, बीमा, मुद्रा योजना, और निष्क्रिय खातों के पुनःसक्रियकरण की जानकारी दी गई। ध्यान दें — जिनका खाता इन योजनाओं से जुड़ा है, वे समय रहते केवाईसी अवश्य कराएं, ताकि बैंकिंग सेवाएं निर्बाध जारी रहें।

