
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन का निधन हो गया है। ‘दिशोम गुरु’ के नाम से विख्यात शिबू सोरेन ने दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले एक महीने से ब्रेन स्ट्रोक और किडनी की समस्याओं के चलते वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने (2005, 2008, 2009), हालांकि वे कभी भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। उनका जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था। आदिवासी अधिकारों के लिए उनका संघर्ष ऐतिहासिक रहा। उन्होंने ‘धनकटनी आंदोलन’ के जरिए महाजनों और साहूकारों के खिलाफ आदिवासियों को संगठित किया। वे लंबे समय तक दुमका से सांसद रहे और वर्तमान में राज्यसभा सांसद थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी हाल ही में उनका हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे थे। उनके निधन से झारखंड की राजनीति और आदिवासी आंदोलन को गहरा आघात पहुंचा है।

