
बिहार के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट सुधार अभियान (SIR) शुरू होने जा रहा है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने सभी राजनीतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) की लिस्ट जल्द भेजने को कहा है। चुनाव आयोग के नए निर्देश के तहत अब किसी भी वोटर का नाम हटाने से पहले बीएलए की सहमति जरूरी होगी। इसका मकसद वोटर लिस्ट में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लाना है। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में इस प्रक्रिया से सियासी हलचल तेज हो गई है। टीएमसी और ममता बनर्जी के लिए यह एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि बूथों की संख्या 80 हजार से बढ़कर 1 लाख हो सकती है। हर पार्टी को हर बूथ पर स्थानीय बीएलए तैनात करना होगा, जिससे चुनावी प्रबंधन और दबाव दोनों बढ़ेंगे।

