
भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के पांचवें टेस्ट में एक दिलचस्प मोड़ आया है। भारतीय टीम ने पहली पारी में 224 रन बनाकर मामूली बढ़त हासिल की, लेकिन इसके बाद दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 75 रन 2 विकेट के नुकसान पर बना लिए हैं। दूसरे दिन के खेल के दौरान एक विवादित स्थिति उत्पन्न हुई जब अंपायर्स ने खराब रोशनी का हवाला देते हुए खेल रोक दिया इसके बाद ओली पोप और अम्पायर कुमार धर्मसेना के बीच बातचीत हुई, जिसमें लाइट मीटर निकाले गए और रोशनी कम पाई गई अंपायर्स ने पोप को सिर्फ स्पिन गेंदबाजी का विकल्प दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया इस घटना के पीछे की वजह यह है कि पोप यशस्वी जायसवाल के सामने पेस अटैक लाना चाहते थे, लेकिन वो स्पिनर्स लाने से डर रहे थे पोप को पता था कि अगर यशस्वी के सामने स्पिनर आए तो वो उनके सामने चांस लेंगे, इसलिए उन्होंने मैदान छोड़ने में ही अपनी टीम की भलाई समझी

