अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेवारी विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन प्रोजेक्ट प्राण के तत्वधान में रेवम्पेड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेवारी विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सूचना भवन सभागार में आयोजित किया गया।अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 244 और पेसा अधिनियम 1996 के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं, जिनका सही क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने ग्राम सभा की भूमिका, कर्तव्य, खनन एवं वनाधिकार पर नियंत्रण, संसाधनों का स्थानीय प्रबंधन, पारंपरिक व्यवस्थाओं की मान्यता जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। दो दिवसीय इस कार्यशाला का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी देकर उन्हें सक्षम बनाना है ताकि वे अपने क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने कहा कि ग्राम सभा का

आयोजन नियमानुसार एवं ग्राम सभा में योजनाओं का चयन प्राथमिकता के आधार पर करेंगे। अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाएं अगर सशक्त होंगी, तो शासन की योजनाएं जमीन पर बेहतर तरीके से उतर सकेंगी। ग्रामसभा की सशक्त भूमिका से गांवों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसहभागिता बढ़ेगी। सरकार की जन कल्याणकारी योजना की जानकारी अपने क्षेत्र के लोगों को जरूर दें। विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह ने सभी ग्राम प्रधान एवं पंचायत प्रतिनिधियों को कहा कि प्रशिक्षण लेना एक अच्छा कदम है, जिससे आप अपनी जिम्मेदारियों को और भी बेहतर तरीके से निभा सकें। प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों को अमल में जरूर लायें। अपने क्षेत्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे। कार्यशाला में मास्टर ट्रेनरों ने 100 ग्राम प्रधान एवं पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम सभा के अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता फैलाना है, ताकि वे अपने अधिकारों का सही तरीके से प्रयोग कर सकें।

