‘राज्यसभा में ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर चर्चा के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने विपक्ष के आरोपों पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं उनको कहना चाहता हूं, वो कान खोलकर सुन ले। 22 अप्रैल से 16 जून तक, एक भी फोन राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच में नहीं हुआ।” जयशंकर का यह बयान उन दावों के जवाब में था, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी दबाव में भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर को रोका था।

विदेश मंत्री ने साफ किया कि भारत ने अपने दम पर और अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह ऑपरेशन चलाया। उन्होंने विपक्ष पर ‘गंभीर मामलों का राजनीतिकरण’ करने का आरोप लगाया और कहा कि सशस्त्र बलों के साहस और विदेश मंत्रालय की कूटनीति की अनदेखी नहीं की जा सकती। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने विदेश मंत्री की बात का जोरदार समर्थन किया।

