
विश्व भारतीय जनसेवा संस्थान के राष्ट्रीय सचिव श्री नगेंद्र कुमार कुशवाहा ने आज निरसा में जानकारी देते हुए बताया कि सहारा इंडिया के पीड़ितों को अब न्याय मिलने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्री अमित शाह की नीतियों के कारण भुगतान प्रक्रिया में विलंब हो रहा है, जिस कारण निवेशकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्री कुशवाहा ने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई है और न्यायालय से गुहार लगाई गई है कि जल्द से जल्द सुनवाई की जाए। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही सहारा इंडिया की 71 संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें बेचने और उससे प्राप्त राशि से निवेशकों को भुगतान करने का आदेश दिया था। लेकिन आरोप है कि सहारा प्रबंधन ने इन संपत्तियों को कौड़ियों के भाव में बेचकर अदालत के आदेश की अवहेलना की है, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ है। इस मामले में झारखंड सरकार के सहयोग से झारखंड C.I.D. में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई गई है, ताकि दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सके और पीड़ितों को उनका हक मिल सके। श्री कुशवाहा ने कहा, “हम सफलता की ओर बढ़ रहे हैं, और सहारा को निवेशकों का भुगतान करना ही होगा।

