कॉनफ्रेंडरेशन ऑफ़ झारखंड सहोदया के तत्वाधान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम डीपीएस पाकुड़ के सभागार में शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप पारंगत करने के उद्देश्य से कॉनफ्रेडेरेशन ऑफ़ झारखण्ड सहोदया के तत्वाधान में सी.बी.एस.ई के निर्देशानुसार एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का मुख्य विषय सीबीएसई द्वारा निर्देशित विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित का जिला स्तर पर क्रियान्वयन पर विचार विमर्श था। इसके अंतर्गत पाकुड़ के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों ने प्रशिक्षक बनकर सहयोगात्मक लर्निंग के आलोक में विभिन्न विषयों से सम्बंधित अपने अनुभव को साझा कर विषय को रुचिकर बनाने, एक्सपेरिएंशल लर्निंग को बढ़ावा देने हेतु विचार प्रेषित किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीपीएस, पाकुड़ के निदेशक अरुणेंद्र कुमार, वेन्यू डायरेक्टर झारखण्ड सहोदया कॉनफेडरेशन के पाकुड़ जिला के ट्रेनिंग समन्वयक एवं डीपीएस के प्रधानाचार्य जे के शर्मा जी, कोo ऑर्डिनेटर एवं रिसोर्स पर्सन सौरिस दत्ता, डीपीएस के स्कूल प्रशिक्षण नोडल समन्वयक दिनबंधु

सेन के अलावा पाकुड़ के अन्य विद्यालय के प्रशिक्षक और शिक्षक मौज़ूद थे।प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड सहोदया के चेयरमैन प्रणेश सोलेमन ने ऑनलाइन कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये भाग लिया और सभी प्रशिक्षकों को प्रोत्साहित किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीपीएस के निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने सभी शिक्षाविदों का शिक्षा के क्षेत्र में दिए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आज एआई के जमाने में सभी शिक्षकों को पारम्परिक शिक्षण पद्द्ति के साथ नई शिक्षा पद्द्ति की गुणवत्ता में सुधार और प्रभावी शिक्षण के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है। इससे शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण विधियों, कौशल और ज्ञान प्राप्त होता है, जिससे वे छात्रों को बेहतर ढंग से सिखाने में सक्षम होते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य जे के शर्मा ने नई शिक्षा नीति की खूबियों का वर्णन करते हुए बताया कि यदि शिक्षकों को अपना कार्य उच्चतम मानक पर करना है, तो उन्हें प्रभावी और कुशलतापूर्वक प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है।

