महाराष्ट्र में भाषाई विवाद फिर से चर्चा में है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर कई होटलों और ढाबों से गुजराती भाषा के साइनबोर्ड जबरन हटा दिए। पालघर जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में दुकानदारों को चेतावनी दी गई कि वे खुद साइनबोर्ड मराठी में लगाएं, वरना आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। MNS का कहना है कि महाराष्ट्र में सभी व्यावसायिक बोर्ड मराठी में होना जरूरी है।

इससे पहले भी MNS हिंदीभाषियों के खिलाफ हिंसक घटनाओं को लेकर विवादों में रही है। राज ठाकरे की पार्टी MNS लंबे समय से मराठी अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दे पर राजनीति करती रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह अभियान आगामी BMC चुनावों से पहले राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश है, क्योंकि पार्टी का प्रदर्शन बीते चुनावों में कमजोर रहा है।

