नई दिल्ली में ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ के मंच से राहुल गांधी ने आत्मस्वीकृति भरे लहजे में कहा कि उन्होंने OBC वर्ग की रक्षा करने में चूक की। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें 10-15 साल पहले दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के मुद्दे समझ में आ गए थे और मनरेगा, भोजन का अधिकार, ट्राइबल बिल, और नियामगिरी जैसे मामलों में उन्होंने अच्छा काम किया। लेकिन OBC वर्ग की समस्याएं छुपी रहती हैं,

जिन्हें वह उस वक्त गहराई से नहीं समझ पाए। उन्होंने कहा, “अगर मुझे तब OBC की परेशानियों का अंदाज़ा होता, तो मैं उसी समय जातिगत जनगणना करवा देता।” राहुल ने यह भी कहा कि अब वे इस गलती को सुधारने जा रहे हैं और जातिगत जनगणना को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, राहुल का यह बयान आगामी चुनावों में OBC वर्ग को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

