
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज आदि शंकराचार्य के जन्मस्थान कालड़ी (केरल) पहुंचे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने शंकराचार्य जी की जन्मस्थली पर पूजा-अर्चना की और उनके विचारों को आधुनिक भारत के लिए मार्गदर्शक बताया। डॉ. भागवत ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं और संतों से संवाद करते हुए कहा कि आदि शंकराचार्य ने न केवल सनातन धर्म की पुनस्थापना की, बल्कि पूरे भारत को ज्ञान और दर्शन की एकसूत्रता में बांधा। उन्होंने कहा कि “भारत की आत्मा को समझने के लिए शंकराचार्य के जीवन और उनके सिद्धांतों को जानना आवश्यक है।” इस अवसर पर स्थानीय संतों और RSS कार्यकर्ताओं ने भागवत जी का स्वागत किया। उनके साथ कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। यह दौरा संघ के सामाजिक-सांस्कृतिक समन्वय के प्रयासों का हिस्सा बताया जा रहा है। समारोह का माहौल भक्तिमय और प्रेरणादायक रहा।*

