भारत के बहुचर्चित ऑपरेशन सिंदूर के तहत हुए मिसाइल हमले में घायल लश्कर-ए-तैयबा का खूंखार आतंकी अब्दुल अज़ीज़ आखिरकार अस्पताल में तड़प-तड़प कर मर गया। भारत की संसद पर 2001 के आतंकी हमले और 26/11 मुंबई अटैक जैसे बड़े हमलों में इसकी फंडिंग और लॉजिस्टिक भूमिका रही थी। अब्दुल अज़ीज़ लश्कर का फंडिंग मॉड्यूल चलाता था। खाड़ी देशों से लेकर अमेरिका और ब्रिटेन तक से आतंक के लिए पैसा जुटाता था। मिसाइल हमले में जख्मी होने के बाद इलाज के दौरान उसकी

मौत हो गई। उसके जनाज़े में लश्कर के बड़े आतंकी सैफुल्लाह कसूरी और अब्दुर रऊफ भी रोते देखे गए। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि अज़ीज़ की मौत से लश्कर की फंडिंग और ऑपरेशन प्लानिंग को बड़ा झटका लगा है। यह आतंक के रास्ते पर चलने वालों के लिए एक सख़्त संदेश है।

