लोयाबाद स्थित बंद गड़ेरिया साइडिंग के पास ज़मीन में गहरी दरार और गैस रिसाव की घटना ने स्थानीय लोगों और रेलवे प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। यह क्षेत्र डीसी रेलवे लाइन से मात्र 10 मीटर की दूरी पर है, और घटना स्थल रेलवे के पोल संख्या DK 06/18 के पास स्थित है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ज़मीन के भीतर से लगातार गैस का रिसाव हो रहा है, जिसकी तीव्रता रात के समय और बारिश के दौरान और भी अधिक बढ़ जाती है। इस रिसाव की शुरुआत कब हुई, इसका स्पष्ट अंदाज़ा किसी को नहीं है। धनबाद रेल मंडल का निरीक्षण, लेकिन समाधान नहीं मंगलवार को जैसे ही गैस रिसाव की सूचना मिली, धनबाद रेल मंडल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने मापक यंत्रों की मदद से गैस का स्तर जांचा, परंतु स्थानीय लोगों का आरोप है कि अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

रेलवे और बीसीसीएल की चुप्पी पर उठे सवाल स्थानीय लोगों ने रेलवे और बीसीसीएल की निष्क्रियता पर नाराज़गी जाहिर की है। उनका कहना है कि ना तो रेलवे और ना ही बीसीसीएल ने कोई सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं, जबकि यह स्थान बेहद संवेदनशील है और यहां से प्रतिदिन दर्जनों ट्रेनों का आवागमन होता है। 23 से अधिक ट्रेनों की सुरक्षा खतरे में यह रेल मार्ग बांसजोड़ा, गड़ेरिया, ईस्ट सुरिया, सिजुआ और कतरास जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां कोयला खनन के कारण पहले से ही भूधंसान और गैस रिसाव की घटनाएं होती रही हैं। यही कारण है कि इस पूरे रूट पर ट्रेनों को धीमी गति से चलाया जाता है। प्रति दिन लगभग 23 एक्सप्रेस, लोकल और मालगाड़ियां इस रूट से गुजरती हैं, जो अब एक संभावित खतरे की जद में हैं। स्थानीय लोग डरे हुए, प्रशासन से ठोस कदम की मांग इलाके के निवासियों में भय का माहौल है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह गैस रिसाव कभी भी बड़ा हादसा बन सकता है। लोगों ने प्रशासन और रेलवे से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

