
महाराष्ट्र सरकार द्वारा त्रिभाषा वाले जीआर को रद्द किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। इस फैसले को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने अपनी विचारधारा की जीत बताया है। अब दोनों नेता 20 साल बाद एक ही मंच पर नज़र आएंगे। 5 जुलाई को मुंबई के वरली डोम ऑडिटोरियम में ‘मराठी विजय दिन’ के रूप में संयुक्त जनसभा का आयोजन किया जाएगा। राज ठाकरे ने इस जनसभा को ग़ैर-राजनीतिक बताते हुए कहा है कि यह मराठी अस्मिता की जीत है, किसी दल की नहीं। सभा में कोई झंडा या पोस्टर नहीं लगाया जाएगा। मनसे और शिवसेना (UBT) के नेता मिलकर जनसभा को सफल बनाने की तैयारी में जुटे हैं।

