दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। इस ‘मंथन बैठक’ में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहकारिता मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में प्रभावी ढंग से मनाने की रूपरेखा तैयार करना था। अमित शाह ने सहकारिता को ग्रामीण विकास का आधार बताते हुए कहा कि सहकारी संस्थाओं को और मजबूत करने की ज़रूरत है ताकि वे

गांवों को आत्मनिर्भर बना सकें। बैठक में सहकारिता क्षेत्र में हो रहे नवाचार, डिजिटल प्लेटफॉर्म, और किसान-उपभोक्ता को सीधे जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। अमित शाह ने सभी राज्यों से सहयोग की अपील की और कहा कि 2025 को सहकारिता के स्वर्णिम वर्ष के रूप में प्रस्तुत करना है। बैठक को सहकारिता क्षेत्र में एक नीतिगत मील का पत्थर माना जा रहा है।

