गोड्डा में एंबुलेंस देरी बनी मौत की वजह, घायल बच्ची ने तीन घंटे तड़पने के बाद तोड़ा दम! गोड्डा (झारखंड), 26 जून: झारखंड के गोड्डा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ सरकारी एंबुलेंस सेवा की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। ठाकुरगंती थाना क्षेत्र के मदन चौकी गांव में 13 वर्षीय बच्ची की जान तीन घंटे देरी से नहीं पहुँची एंबुलेंस की भेंट चढ़ गई। मृत बच्ची के पिता संतोष महतो के अनुसार, उनकी बेटी घर की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। स्थिति नाजुक थी, बच्ची तड़प रही थी, और परिवार घबराया हुआ। तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया गया — कई बार कॉल किया गया, पर हर बार यही जवाब मिला: “थोड़ी देर में पहुंच रही है…” लेकिन वह ‘थोड़ी देर’ बच्ची की ज़िंदगी की आखिरी घड़ियाँ बन गईं। न तो एंबुलेंस पहुंची, न ही कोई प्राथमिक चिकित्सा। लगभग तीन घंटे तक इंतजार के

बाद, जब कोई मदद नहीं आई, बच्ची ने अपने पिता की आंखों के सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब एंबुलेंस सेवा ने समय पर प्रतिक्रिया नहीं दी हो। कई बार फोन उठाया भी नहीं जाता या फिर गाड़ियों की उपलब्धता न होने की बात कहकर टाल दिया जाता है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब तक इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दे पाए हैं। परिजनों ने दोषियों पर कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवा में सुधार की मांग की है। 🔴 सवाल उठते हैं: जब आपात सेवा 108 है, तो समय पर सेवा क्यों नहीं? एक बच्ची की मौत का जिम्मेदार कौन? क्या ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी स्वास्थ्य सुविधाएं केवल “कागज़ी” हैं?

