वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बड़ा सरसा में आयोजित 76 वें वन महोत्सव कार्यक्रम में सांसद राजमहल संसदीय क्षेत्र विजय कुमार हांसदा, उपायुक्त मनीष कुमार, डीएफओ सौरभ चन्द्रा, डीडीसी महेश कुमार संथालिया, सांसद प्रतिनिधि, जेएमएम, जिला अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य के द्वारा पौधारोपण किया गया एवं जिलावासियों से पर्यावरण सरंक्षण को लेकर पौधारोपण करने की अपील की गई।सांसद विजय हांसदा ने कहा कि जीवन का आधार संतुलित पर्यावरण है। क्षेत्र के आदिवासी प्रकृति पूजक है। जल, जंगल और जमीन उनकी की संस्कृति का आधार है।उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर ऑक्सीजन की प्रचुरता पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन से ही संभव है। ऑक्सीजन बढ़ाने का सबसे कारगर उपाय प्रकृति खासकर पेड़ पौधों की सुरक्षा एवं संवर्धन है। प्रकृति को बचाना सभी का कर्तव्य है। उपायुक्त ने कहा कि पेड़ पौधे सिर्फ हमारे लिए प्राकृतिक नही है बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक विरासत है। हमारे पूर्वज सदियों से पेड़ पौधों के साथ रहे हैं । आजीविका को संवर्धित कर सकते हैं इसके लिए वृक्षारोपण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। सरकार द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना, दीदी बाड़ी योजना, दीदी बगीया योजना आदि के माध्यम से जिले भर में वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया जा रहा है। पेड़ पौधों को लगाना और उससे बचाना समाज की सामूहिक

जिम्मेदारी होनी चाहिए। इसकी भरपाई के लिए हमें अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने की आवश्यकता है, ताकि हमारा पर्यावरण साफ व स्वच्छ रह सके। हमारे जीवन के लिए पेड़-पौधे अनमोल है जो हमारे लिए शुद्ध हवा देते हैं। लोगों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और पेड़-पौधों को बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी व कर्तव्यों का निर्वहन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होने लागों से अपील करते हुए कहा कि हमें चाहिए कि अपने घर के साथ अपने आसपास के लोगों को जागरूक करते हुए पेड़-पौधे लगाकर वातावरण को हरा-भरा रखें। क्योंकि आज पेड़ लगाएंगे तभी आने वाला कल सुरक्षित होगा। उन्होंने सभी को दो पेड़ लगाने हेतु प्रेरित किया।जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरभ चन्द्रा ने कहा मृदा संरक्षण के लिए पेड़ लगाना अति आवश्यक है। पेड़ लगाने से आप आय भी अर्जित कर सकते हैं। इससे शुद्ध हवा, फल, फूल, जल संरक्षण, जलावन की लकड़ी आदि का लाभ भी मिलता है। उन्होंने कहा कि परती भूमि पर वृक्षारोपण करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि पर्यावरण संरक्षण होता रहे। लिट्टीपाड़ा में 8 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है।

