
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बार फिर अपनी सरलता और संवेदनशीलता के चलते चर्चा में हैं। रविवार को पचमढ़ी से लौटते वक्त उन्होंने अपने काफिले को अचानक रुकवाया, जब उन्होंने बारिआम गांव में सड़क किनारे टोकरी में आम बेच रहीं महिलाओं और बच्चों को देखा। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ इन महिलाओं से आत्मीय बातचीत की, बल्कि आम भी खरीदे और खुद भुगतान किया। बसंती नामक महिला ने बताया कि वह रोज़ 400-500 रुपए तक की बिक्री कर लेती हैं। सीएम ने उसकी बेटी से पूछा कि वह स्कूल जाती है या नहीं, तो महिला ने बताया कि वह सीएम राइज स्कूल में पढ़ती है। इस पर सीएम ने हंसते हुए बताया कि अब उसका नाम “सांदीपनि विद्यालय” हो गया है। मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी सीमा यादव ने आम बच्चों में भी स्नेहपूर्वक बांटे। सीएम ने कहा, “बहनें आत्मनिर्भर बन रही हैं, बच्चे स्कूल जा रहे हैं – यही असली विकास है।”

