देशभर में 21 जून 2025 को ‘द आर्ट ऑफ लिविंग’ और आयुष मंत्रालय के सहयोग से आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लगभग 1,500 स्थलों पर लाखों लोगों ने भाग लिया। * प्रातः काल 06:30 * – RPSF परेड मैदान में वरिय प्रशिक्षक *मयंक सिंह एवं सोनाली सिंह के नेतृत्व में लगभग 50 जवानों और अधिकारियों ने योगाभ्यास किया। जिसमें रेलवे सुरक्षा विशेष बल के श्री घनश्याम मीना, सहायक समादेष्टा और निरीक्षण अरुण दुबे, दिनेश मनी तिवारी इत्यादि मौजूद थे। प्रातः 08:00 बजे – कार्मेल स्कूल में प्रशिक्षिका सोनाली सिंह, सहायता में **डार्ललीन रिडक्विस्ट, और सिस्टर एम. सिल्वि (प्रधानाचार्य) की उपस्थिति में \~200 बच्चों व माताओं ने योग किया। प्रातः 09:30 बजे – दिल्ली पब्लिक स्कूल (कर्मिक नगर) में डॉ. सरिता सिंहा के निमंत्रण पर सोनाली सिंह और अनुप्रिया गुप्ता द्वारा \~125 छात्रों को योग और प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया गया। * प्रातः काल – धनबाद केंद्रीय कारागार में वॉलंटियर संदीप कौशल व प्रशिक्षिका सोनी कुमारी ने 200 पुरुषों व 50 महिलाओं के साथ योग कराया।

कोर्ट परिसर, डालसा – प्रिंसिपल जज वीरेंद्र कुमार तिवारी, अन्य जज और वकीलों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। * बेंगलुरु (विशालाक्षी मंटप): SSRVM के हजारों छात्रों ने एक साथ योग किया। * तवांग व भारत‑भूटान सीमा, सुखना मिलिटरी स्टेशन, समलेश्वरी मंदिर, विशाखापत्तनम के बौद्ध विरासत स्थल: सैनिकों, भिक्षुओं और स्थानीय समुदाय सहित 5,000+ प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास और सांस्कृतिक संगम हुआ। * इस वर्ष की थीम रही “Yoga for One Earth, One Health”, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के बीच संबंध स्थापित करना था। * योग दिवस के आयोजन में शामिल रही विभिन्न संस्थाओं, जवानों, भिक्षुओं और बच्चों ने इसे केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक–आध्यात्मिक शांति का माध्यम भी माना। निष्कर्ष: धनबाद और देशभर में ’द आर्ट ऑफ लिविंग’ के प्रशिक्षकों जैसे मयंक सिंह, **सोनाली सिंह, **संदीप कौशल, **सोनी कुमारी, **अनुप्रिया गुप्ता ने विभिन्न वर्गों–जवानों, बच्चों, अधिकारी, न्यायाधीशों और सामान्य नागरिकों को योगाभ्यास के माध्यम से जुड़ने का अवसर दिया। इस आयोजन ने योग को सम्पूर्ण जीवनशैली के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रस्तुत है पंकज सिन्हा की रिपोर्ट

